Indian Calendar 2021: हिन्दू त्योहार एवं व्रत वर्ष 2021

Indian Festival Calendar 2021 According to Hindu Panchang

हिंदू धर्म में पूरे वर्ष भर में अनेकानेक प्रकार के पर्व त्योहार आदि आते हैं जो व्यक्ति के जीवन में उल्लास व उत्साह बनाए रखते हैं, साथ ही इन सभी हिंदू धर्म में निहित पर्व त्योहारों का वास्तविक अर्थ व्यक्ति के अंतर्मन में सकारात्मकता का प्रवेश कराना होता है। ये व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक व आत्मिक तौर पर सकारात्मक ऊर्जा से फलीभूत करते है।

हिंदू धर्म में वर्ष का आरंभ एवं अंत पंचांग की तिथियों के अनुसार संवत वर्ष के मुताबिक होता हैं जिसमें नववर्ष का आरंभ प्रत्येक वर्ष चैत्र मास के नवरात्र पर्व के आरंभ वाली तिथि से होता है। चैत्र मास में पड़ने वाले नवरात्र में नवरात्र का प्रथम दिवस अर्थात कलश स्थापन का दिवस सनातन धर्म में नव वर्ष के आगाज के रूप में मनाया जाता है। किंतु वहीं यदि हम अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक वर्ष के आरंभ को देखें तो वर्ष का आरंभ अभी एक जनवरी 2021 से हुआ है और प्रत्येक वर्ष अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक वर्ष का आरंभ 1 जनवरी से ही होता है जो सर्वाधिक प्रचलित एवं आधिकारिक भी मान्य है।

तो चलिए आज हम आपको अंग्रेजी कैलेंडर के तिथियों के मुताबिक तथा पंचांग के अनुसार हिंदू धर्म में पड़ने वाले सभी पर्व, त्योहार, व्रत आदि के संबंध में बताते हैं जिसमें हम 12 महीने में प्रत्येक माह में पड़ने वाले व्रत व उससे संबंधित आवश्यक तथ्य के बारे में जानकारी देते हुए आपको संपूर्ण वर्ष भर के पर्व त्यौहार के संबंध में बताएंगे। फिर देर किस बात की है, आइए जानते हैं पूरे वर्ष भर के सभी पर्व-त्योहारों आदि के संबंध में।

जनवरी 2021

वर्ष के 12 माह के त्योहारों में से आइए जानते हैं सर्वप्रथम जनवरी माह में आने वाले पर्व त्योहार के संबंध में-

1 जनवरी - नववर्ष आरंभ
1 जनवरी को अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक सामान्य तौर पर लोग नव वर्ष के रूप में मनाते हैं। इसका कोई धार्मिक महत्व व विशेष उद्देश्य नहीं होता।

9 जनवरी - सफला एकादशी

10 जनवरी - प्रदोष व्रत

11 जनवरी - मासिक शिवरात्रि

13 जनवरी - लोहड़ी
13 जनवरी को पंजाब, हरियाणा आदि जैसे कुछ राज्यों में लोहरी नामक एक पर्व मनाया जाता है जो काफी हर्षोल्लास का त्योहार माना जाता है जिसमें किसानों द्वारा उगाए गई नई फसलों को काफी महत्व दिया जाता है और अच्छी उपज व नई फसल की उपज के उपलक्ष में इस जश्न को कई क्षेत्र में मनाया जाता है। वहीं धार्मिक तौर पर भी लोहड़ी पर्व का काफी महत्व माना जाता है। इसमें लोग खूब नाचते-गाते हैं एवं अपने घर में सुंदर-सुंदर स्वादिष्ट व्यंजन-पकवान आदि बनाते हैं। कई राज्यों में इस दिन पतंग भी उड़ाई जाती है एवं अलग-अलग विधि विधान से मनाया जाता है।

14 जनवरी - पोंगल, उत्तरायण, मकर संक्रांति
14 जनवरी को प्रत्येक वर्ष मकर संक्रांति के रूप में पूरे हिंदुस्तान भर में पूरे सनातन धर्म में मनाया जाता है। 14 जनवरी की तिथि को पंचांग में मकर संक्रांति के रूप में वर्णित किया गया है। वहीं कई राज्यों में इसे अलग-अलग नाम जैसे कि पोंगल, उत्तरायण आदि जैसे नामों से भी संबोधित किया जाता है। केरल व कुछ अन्य तटीय क्षेत्र के राज्यों में इसमें नौका विहार आदि जैसे कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है जिसमें सभी लोग साथ मिलजुल कर हँसी-खुशी के साथ अपने क्षेत्रीय लोक गीतों का गायन करते हैं और नाव चलाकर उस पर अपने पारंपरिक वेशभूषा परिवेश आदि को धारण कर सवार होते हैं तथा इस दिन को जश्न के रूप में मनाते हैं।

24 जनवरी - पौष पुत्रदा एकादशी

26 जनवरी - गणतंत्र दिवस
26 जनवरी को भारतीय लोकतंत्र का काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी तिथि पर वर्ष 1950 से हिंदुस्तान संवैधानिक तौर पर अपने लोकतंत्र को सुचारू रूप से आरंभ कर पाया। दरअसल 26 जनवरी 1950 से ही भारतीय संविधान अपने चलित स्वरूप में आया था, इस कारण से  इस दिन को संपूर्ण हिंदुस्तान भर के लिए काफी महत्वपूर्ण एवं राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है। सभी संस्थानों व अलग-अलग स्थानों पर इस दिन राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है और इस दिन को हर्षोल्लास के साथ मनाते हुए मिठाइयां बांटी जाती हैं। हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री लाल किला पर तिरंगा झंडा फहराते हैं और लाल किले से संपूर्ण देश भर को संबोधित कर जागरूक उत्साहित व राष्ट्र की ओर से संदेश संबोधित करते हैं।

28 जनवरी - पौष पूर्णिमा

31 जनवरी - सकट चतुर्थी
      
फरवरी 2021

जनवरी माह के पश्चात हम जानेंगे फरवरी माह में आने वाले विशिष्ट पर्व त्यौहार एवं उसके महत्व आदि के संबंध में-

7 फरवरी - षटतिला एकादशी

11 फरवरी - मौनी अमावस्या

12 फरवरी - माघ गुप्त नवरात्रि आरम्भ, कुंभ संक्रांति

16 फरवरी - बसंत पंचमी, सरस्वती पूजा
फरवरी माह स्वयं में काफी महत्वकारी होता है। यह वो मास है जब संपूर्ण राष्ट्र भर में प्राकृतिक तौर पर उत्साह व उल्लास लाने वाला होता है। इसमें मौसम अपनी करवटें बदल रहा होता है और संपूर्ण भारतवर्ष को अपने पुलकित कोंपल, नई-नई पुष्प, पत्तियों आदि से पुलकित कर एक अलग ही उमंग व उत्साह भर देता है। यह माह वर्ष का वह माह होता है जब चिड़िया चहचाहती हैं और कोयल की कुक सुनाई देने लगती है। वे खुशी के गीत गाने लगते है और किसान खुश नजर आते हैं। राष्ट्र भर में उमंग की लहर देखने को मिलती है। इसी माह की 16 फरवरी की तिथि को बसंत पंचमी का आवागमन होगा। इस दिन से पेड़ों में पत्तियों के नए-नए कौपल फलों का आना, फलों के वृक्ष में फल के लिए फूलों का आना, पेड़ में मंजर लगना आदि आरंभ हो जाता है। फरवरी माह 16 फरवरी की तिथि को बसंत पंचमी के आवागमन की तिथि रूप में अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग विधि विधान से मनाया जाता है। कई जगह पर इसे बसंत पंचमी के आवागमन के रूप में मनाया जाता है, तो कई राज्यों में इसे सरस्वती की पूजा आराधना के पर्व त्योहार के रूप में मनाया जाता है। इस दिन जातक अपने जीवन के शुभ कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं। इस दिन को शुभ कार्यों के आरंभ हेतु काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

19 फरवरी - भीष्म अष्टमी

23 फरवरी - जया एकादशी

24 फरवरी - प्रदोष व्रत

27 फरवरी - गुरु रविदास जयंती, माघ पूर्णिमा

मार्च 2021

आइए अब जानते हैं मार्च माह में आने वाले सभी पर्व त्यौहार एवं पर्व त्योहार से संबंधित विषय वस्तु के आवश्यक तत्वों के संबंध में-

2 मार्च - विजया एकादशी

11 मार्च - महाशिवरात्रि
मार्च की 11 तारीख को महाशिवरात्रि पर्व है जो काफी महत्वकारी एवं हर्षोल्लास का पर्व उत्सव माना जाता है। महाशिवरात्रि पर्व पर सभी शिव मंदिरों में रुद्राभिषेक, जलाभिषेक आदि का प्रचलन रहता है और इस दिन को काफी उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन आदिनाथ शिव शंभू एवं आदि शक्ति जगदंबा के पार्वती स्वरूप का विवाह करवाया जाता है। इस पर्व पर जातक व्रत उपवास धारण करते हैं। प्रायः कुंवारी कन्या अच्छे वर की प्राप्ति हेतु भी इस व्रत धारण करती है।

14 मार्च - मीन संक्रांति

25 मार्च - आमलकी एकादशी

28 मार्च - फाल्गुन पूर्णिमा, होलिका दहन
महाशिवरात्रि के पश्चात रंगो के त्योहार होली का आवागमन होता है। होली के त्यौहार के 1 दिन पूर्व भी जातक होलिका दहन के रुप में मनाते हैं। होलिका दहन के पीछे कुछ पौराणिक कथाएं भी निहित है जो असत्य पर सत्य के विजय को परिभाषित करती है, साथ ही यह भी दर्शाती है कि जो व्यक्ति सत्यता व ईश्वर में भरोसा रखता है, उसका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता। वहीं नकारात्मक विचारधारा के साथ किए गए सकारात्मक ऊर्जाओं का प्रयोग भी जातकों के लिए नाशक हो सकता है। ऐसे कई प्रकार के संदेश देने वाले पर्व त्योहारों में एक होली को भी माना जाता है। होली के 1 दिन पूर्व होलिका दहन किया जाता है जिसकी तिथि इस वर्ष 2021 में 28 मार्च के निर्धारित है।

29 मार्च - होली
होलिका दहन के पश्चात अगली सुबह अर्थात 29 मार्च 2021 को सभी जातक होली पर्व के रूप में मनाएंगे जिसमें सब एक-दूसरे को रंग, गुलाल, फूल, पानी आदि से इसे जश्न के रूप में मनाएंगे। इस दिन विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन-पकवान आदि भी बनाए जाते हैं। इस दिन का पूरे राष्ट्र भर में अलग ही जोश उत्साह व उल्लास बना रहता है। इसे भी अलग-अलग राज्य में अलग-अलग विधि-विधान से मनाया जाता है। कई स्थान पर इस दिन दही हांडी जैसे कार्यक्रम भी रखे जाते हैं। गोकुल धाम, वृंदावन, मथुरा आदि में होली का अलग ही उल्लास देखने को मिलता है जिसमें सम्मिलित होने हेतु संपूर्ण विश्व भर से लोग आते हैं।

अप्रैल 2021

आइए जानते हैं वर्ष 2021 के अप्रैल माह में पड़ने वाले सभी त्योहार आदि के संबंध में-

01 अप्रैल - बैंक अवकाश
हर वर्ष अप्रैल माह की 1 तारीख को सरकारी अवकाश के रूप में मनाया जाता है। इसका कोई धार्मिक महत्व आदि नहीं है। इसे सामान्य तौर पर एक अवकाश के दिन के रूप में ब्रिटिश शासन काल से ही मनाया जा रहा है।

7 अप्रैल - पापमोचिनी एकादशी

10 अप्रैल - मासिक शिवरात्रि

12 अप्रैल - सोमवती अमावस्या

13 अप्रैल - चैत्र नवरात्रि आरम्भ, उगाडी, गुड़ी पड़वा
अप्रैल माह में इस वर्ष चैत्र नवरात्र आरंभ होने जा रहा है। इस माह की 13 अप्रैल की तिथि को चैत्र नवरात्र का प्रारंभ हो जाएगा। चैत्र नवरात्र के आरंभ का तात्पर्य है कि सनातन धर्म के मुताबिक वर्ष का आरंभ हो जाना। दरअसल सनातन धर्म में चैत्र नवरात्रि के प्रथम नवरात्र वाले दिवस से नए संवत्सर का आरंभ होता है और सनातन धर्म में इस दिवस को नव वर्ष के रूप में मनाया जाता है। चैत्र नवरात्रि के आरंभ की तिथि अर्थात नववर्ष की तिथि को अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नाम से संबोधित कर भिन्न-भिन्न विधि विधान से मनाया जाता है। इसे कुछ राज्यों में उगाडी अथवा गुड़ी पड़वा आदि नामों से भी संबोधित किया जाता है।

14 अप्रैल - बैसाखी, चेटी चंड, अम्बेडकर जयंती
वर्ष 2021 में 14 अप्रैल की तिथि को बैसाखी का पर्व पड़ने जा रहा है। वैशाखी के पर्व को पंजाब हरियाणा जैसे राज्यों में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। कुछ राज्यों में ईसे चेटीचंड कहकर भी संबोधित किया जाता है। इस दिन भारतीय संविधान के निर्माण में अपना अहम योगदान देने वाले डॉक्टर अंबेडकर का जन्म दिवस भी पड़ता है। अतः इस तिथि यानी 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के नाम से भी मनाया जाता है।

15 अप्रैल - गाैरी पूजा / गणगाैर

16 अप्रैल - विनायक चतुर्थी

21 अप्रैल - रामनवमी
अप्रैल माह के 21वे दिन अर्थात 21 अप्रैल 2021 को रामनवमी पर्व के रूप में मनाया जाता है। रामनवमी पर्व के रूप में अलग-अलग मान्यताएं प्रचलित है। रामनवमी पर्व को भगवान श्री राम के जन्मोत्सव के रूप में सनातन धर्म में बड़े ही धूमधाम व उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का जन्म अयोध्या नगरी में माता कौशल्या के गर्भ से इस पृथ्वी लोक पर हुआ था। भगवान श्रीराम ने असत्य को पराजित कर सत्य की स्थापना की। भगवान श्रीराम का अवतरण पृथ्वी लोक पर त्रेता काल में हुआ था। त्रेता काल में भगवान श्री राम ने एक मर्यादित पुरुष एवं एक न्याय प्रिय राजा के व्यक्तित्व के साथ-साथ कई व्यक्तित्व व संयमित सकारात्मक जीवन को परिभाषित किया है। श्री राम चंद्र के व्यक्तित्व ने अपने अलग-अलग आयामों के माध्यम से सत्यता व न्यायमूर्ति को प्रतिस्थापित किया है। इस वर्ष रामनवमी का पर्व अर्थात श्री राम के जन्मोत्सव का त्योहार 21 अप्रैल 2021 को मनाया जायेगा।

21  अप्रैल - चैत्र नवरात्रि पारण
21 अप्रैल की तिथि को चैत्र नवरात्र जो कि 13 अप्रैल को आरंभ हुआ था, उसका जातक पारण भी करेंगे। जो भी जातक चैत्र नवरात्र में व्रत व संकल्प आदि लेकर 9 दिनों तक साधना में लीन थे, उसकी पूर्ति व पूर्णाहुति का दिन भी नवरात्र की आखरी दिन रामनवमी वाले दिन यानी 21 अप्रैल को माना जाएगा।

23 अप्रैल - कामदा एकादशी

27 अप्रैल - हनुमान जयंती
27 अप्रैल को भक्तों में शिरोमणि सर्वश्रेष्ठ एवं महा बुद्धिशाली, बलशाली देव भगवान श्री हनुमान जयंती का पर्व है। हिंदू पंचांग के मुताबिक वर्ष 2021 मैं 27 अप्रैल की तिथि को पड़ने वाले मुहूर्त में ही भगवान श्री हनुमान का जन्म अंजना माई से हुआ था। भगवान श्री हनुमान को पवन पुत्र अंजनी नंदन कह कर भी संबोधित किया जाता है।

27 अप्रैल - चैत्र पूर्णिमा

मई 2021

आइए जानते हैं वर्ष 2021 के मई माह में पड़ने वाले पर्व त्योहार उनकी विशेषताओं के संबंध में-

07 मई - वरुथिनी एकादशी, वल्लभाचार्य जयंती
वर्ष 2021 के 7 मई की तिथि वरुथिनी एकादशी के रूप में मनाया जाएगा। साथ ही इस वर्ष इस दिन वल्लभाचार्य जयंती भी मनाई जाएगी।

9 मई - मासिक शिवरात्रि

14 मई - परशुराम जयंती, अक्षय तृतीया

17 मई -  शंकराचार्य जयंती
17 मई 2021 की तिथि शंकराचार्य जयंती के रूप में ज्ञातव्य है।

22 मई - मोहिनी एकादशी

25 मई - नरसिंह जयंती

26 मई -  बुद्ध पूर्णिमा, वैशाख पूर्णिमा
वर्ष 2021 के 26 मई की तिथि को बुद्ध पूर्णिमा के रूप में मनाया जाएगा। बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध भिक्षु को के लिए काफी महत्वकारी दिवस माना जाता है। इस दिन बौद्ध भिक्षुक भगवान बुद्ध को स्वयं को समर्पित कर अपने जीवन में सकारात्मकता व श्रेष्ठता लाने हेतु ध्यान, साधना, जप, तप आदि का कार्यक्रम करते हैं। बौद्ध भिक्षुक इस दिन को काफी महत्वकारी एवं प्रभावशाली मानते हुए इस दिन अधिक से अधिक ध्यान जप-तप में अपना समय व्यतीत करते हैं और भगवान श्री बुध के तथ्यों का अनुसरण करते हैं और इसे अपने जीवन में शिरोधार्य करने का प्रयत्न करते हैं। इस दिन पूर्णिमा की तिथि है तो जातक पूर्णिमा की तिथि के रूप में भी मनाते हैं।

27 मई - नारद जयंती

जून 2021

आइए जानते हैं वर्ष 2021 में जून माह में पड़ने वाले पर्व त्यौहार व शुभ दिवसों के संबंध में-

6 जून - अपरा एकादशी

10 जून - वट सावित्री व्रत, रोहिणी व्रत, शनि जयंती, अमावस्या

20 जून - गंगा दशहरा

20 जून  - पितृपक्ष आरंभ
इस वर्ष 20 जून से पितृ पक्ष का आरंभ होगा। तत्पश्चात पितृ दान व अपने पितरों को मोक्ष की प्राप्ति हेतु अलग-अलग प्रकार के प्रकरण आदि आरंभ हो जाएंगे। इसी तिथि से जातक अपने पितरों के मोक्ष प्राप्ति हेतु व उनकी आत्मा की शांति हेतु अपने पितरों के लिए दान, धर्म, स्नान, तर्पण, जप, ध्यान आदि का क्रियाकलाप अपनाने लगेंगे। पितृ दोष के समापन हेतु अपनाए जाने वाले उपायों हेतू भी यह अत्यंत ही शुभकारी माना जाता है।

21 जून - निर्जला एकादशी

21 जून - विश्व योग दिवस, खगोलीय घटना
संपूर्ण विश्व भर में भारत योग गुरु के नाम से प्रख्यात है। भारत में अनेकानेक श्रेष्ठ योगी तपस्वी महर्षि यों ने जन्म लिया एवं योग को परिभाषित व प्रतिष्ठित किया जिसके महत्व को वर्तमान में संपूर्ण विश्व और विज्ञान ने भी स्वीकारा व शिरोधार्य किया है। भारत को योग और योगियों का केंद्र कहा जाता है। भारत के ऋषिकेश को योगियों की राजधानी कहा जाता है। इन्हीं सारे महत्व के कारण वैश्विक स्तर पर 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में पूरे विश्व भर में मनाया जाता है। इस दिन लगभग सभी देशों में एक साथ योग किया जाता है जिसमें समाज के सभी वर्ग, समुदाय व कोटी आदि के लोग सम्मिलित होकर योग के योग शक्ति को प्रदर्शित करते हैं।

24 जून - कबीर जयंती
24 जून को कबीर जयंती के रूप में मनाया जाता है। कबीर पन्थियों के लिए यह दिवस काफी महत्वपूर्ण होता है। कबीर जी को साहित्य व इतिहास ने संत की संज्ञा दी है। कबीर के दोहे व्यक्ति के जीवन के यथार्थता को प्रदर्शित करते हैं।

24 जून - ज्येष्ठ पूर्णिमा, वट पूर्णिमा व्रत

जुलाई 2021

आइए जानते हैं वर्ष 2021 में जुलाई माह में पड़ने वाले पर्व त्योहार आदि के संबंध में तथा उसके महत्व के बारे में -

5 जुलाई - योगिनी एकादशी

12 जुलाई - जगन्नाथ यात्रा
जुलाई माह के 12 दिन से अर्थात 12 जुलाई 2021 से उड़ीसा के जगन्नाथ मंदिर से भगवान श्री जगन्नाथ की यात्रा आरंभ हो जाएगी। जगन्नाथ जी के प्रति उड़ीसा वासियों के अंदर विशिष्ट श्रद्धा व समर्पण की भावना देखी जाती है। जगन्नाथ यात्रा केवल ओड़िशा का पर्व त्यौहार ना रहकर संपूर्ण विश्व भर में प्रचलित एवं प्रख्यात है जिसके प्रति लोग अपनी श्रद्धा भावना रखते हैं और इसे और इसकी भव्यता प्रत्येक वर्ष लोगों के अंतः करण व मस्तिष्क में अमिट छाप छोड़ जाती है।

20 जुलाई - देवशयनी एकादशी

24 जुलाई - गुरु पूर्णिमा, आषाढ़ पूर्णिमा
इस वर्ष 24 जुलाई 2021 को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन सभी जातक अपने अपने गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा भावना प्रकट करते हैं। सभी धर्म एवं समुदाय आदि में से अलग-अलग विधि विधान से मनाया जाता है जिसका मूल उद्देश्य गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा व समर्पण की भावना को प्रदर्शित करना होता है, साथ ही गुरु की महत्ता व उनकी प्रगाढ़ता को स्वीकार करते हुए अपने अंदर शिरोधार्य करना होता है।

अगस्त 2021

वर्ष 2021 के अगस्त माह में पड़ने वाले पर्व त्योहार आदि-

4 अगस्त - कामिका एकादशी

11 अगस्त - हरियाली तीज
वर्ष 2021 में 11 अगस्त की तिथि को हरियाली तीज का व्रत है जिसे सभी विवाहित स्त्रियां बड़े ही विधि विधान से इस पर्व के प्रति अपनी श्रद्धा भावनाएं प्रकट करते हुए इस त्योहार को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाती है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत उपवास रखती हैं और सोलह श्रृंगार कर भगवान चांद एवं अपने जीवनसाथी के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट एवं चाँद को जल अर्पित करती है।

13 अगस्त - नाग पंचमी
अगस्त माह के 13 वें दिन अर्थात 13 अगस्त को नाग पंचमी के रूप में मनाया जाएगा।

15 अगस्त - स्वतन्त्रता दिवस
15 अगस्त की तिथि भारतीयों के लिए अविस्मरणीय एवं काफी महत्वकारी है। 15 अगस्त के दिन ही 200 वर्ष से भी अधिक समय से अंग्रेजों की गुलामी की बेड़ियों से हम हिंदुस्तानियों को आजादी मिली थी। इस दिवस को राष्ट्रीय दिवस घोषित कर बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है।

18 अगस्त - पुत्रदा एकादशी

20 अगस्त - वरलक्ष्मी व्रत

21 अगस्त - ओणम/थिरुवोणम
21 अगस्त को ओणम का त्योहार पड़ने जा रहा है जिसे थिरुवोनम भी कहा जाता है। इसे दक्षिणी क्षेत्र के राज्यों में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। विशेष तौर पर केरल में ओणम को काफी उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन भिन्न-भिन्न प्रकार के स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते हैं।

22 अगस्त - रक्षा बंधन, श्रावण पूर्णिमा
22 अगस्त को रक्षाबंधन और श्रवण पूर्णिमा के त्योहार पढ़ने जा रहे है। 22 अगस्त 2021 को पड़ने वाले इस रक्षाबंधन के त्यौहार का भाई-बहन के संबंधों को सुदृढ़ एवं यादगार बनाने का दिवस माना जाता है। रक्षाबंधन के त्यौहार के पीछे भी कई प्रकार की मान्यताएं व कथाएं प्रचलित है।

25 अगस्त - कजरी तीज
25 अगस्त 2021 को कजरी तीज का व्रत पड़ने जा रहा है। कजरी तीज को प्रायः विवाहित स्त्रियां ही व्रत धारण करती हैं।

30 अगस्त - जन्माष्टमी
इस वर्ष 2021 में जन्माष्टमी का पर्व 30 अगस्त की तिथि को पड़ने जा रहा है। कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास व उमंग के साथ मनाया जाता है। इस दिवस को भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। भगवान श्री कृष्ण को 16 कलाओं से परिपूर्ण देवता माना जाता है जो पृथ्वी पर लगभग 125 वर्षों तक रहकर अपने जीवन के विभिन्न आयामों के द्वारा मनुष्य के व्यक्तित्व को परिभाषित कर संपूर्ण मानव जाति हेतु एक प्रेरणा बन कर उभरे। योगीराज श्री कृष्ण का अवतरण द्वापर युग में हुआ।

सितंबर 2021

आइये जानते है सिंतबर माह के व्रत व त्योहार-

3 सितंबर - अजा एकादशी

9 सितंबर -  हरतालिका तीज
9 सितंबर 2021 की तिथि को हरितालिका तीज मनाया जाएगा।

10 सितंबर - गणेश चतुर्थी
10 सितंबर 2021 से गणेश चतुर्थी का आरंभ होगा। इसे महाराष्ट्र में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी के पर्व पर लोग अपने घर, मंदिर आदि अलग-अलग स्थानों पर भगवान श्री गणेश की मूर्ति की स्थापना करते हैं जिससे कुछ स्थलों पर 7 दिन तो कुछ स्थलों पर 9 दिन और कुछ स्थलों पर 14 दिन तक रखा जाता है, और अंत में अनंत चतुर्दशी की तिथि को इस का विसर्जन किया जाता है।

11 सितंबर - ऋषि पंचमी

17 सितंबर - परिवर्तिनी एकादशी

19 सितंबर - अनंत चतुर्दशी
19 सितंबर को अनंत चतुर्दशी का त्यौहार मनाया जाने वाला है। अनंत चतुर्दशी के दिन हेतु अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग विधि-विधानों को अपनाकर पूजा पाठ किया जाता है।

20 सितंबर - भाद्रपद पूर्णिमा

21 सितंबर - पितृपक्ष आरम्भ

अक्तूबर 2021

आइए जानते हैं अक्टूबर माह में पड़ने वाले पर्व त्यौहार के संबंध में-

2 अक्टूबर - इंदिरा एकादशी, गाँधी जयंती

7 अक्टूबर : सर्वपितृ अमावस्या

7 अक्टूबर - शारदीय नवरात्रि
7 अक्टूबर 2021 की तिथि से शारदीय नवरात्र का आरंभ होगा। शारदीय नवरात्र के आरंभ की तिथि को माँ आदिशक्ति जगदंबा के पृथ्वीलोक अर्थात अपने मायके के आवागमन के रूप में मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि शारदीय नवरात्र के आरंभ वाली तिथि को माँ आदिशक्ति जगदंबा पृथ्वीलोक पर आती हैं और 9 दिनों तक यहाँ रहकर अपने सभी भक्तजनों पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखती है एवं दुष्ट व नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश कर पुनः अपने लोक चली जाती हैं। आज के दिन नवरात्रि का आरंभ होगा।

12 अक्टूबर - सरस्वती पूजा

13 अक्टूबर - दुर्गा महाष्टमी पूजा
13 अक्टूबर की तिथि को माँ दुर्गा के अष्टम रूप की पूजा आराधना की जाती है। इस पर्व को महाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन कन्या पूजन, दान, भोज आदी का भी विधान है।

14 अक्टूबर - महानवमी

15 अक्टूबर - दशहरा, शरद नवरात्रि पारण
15 अक्टूबर की तिथि को दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। दशहरा को असत्य पर सत्य की विजय का पर्व मनाया जाता है। इस दिन को लेकर अनेकों कथाएं व मान्यताएं प्रचलित है। इसे विजयादशमी कहकर भी संबोधित किया जाता है। इसे दिन जातक अपने नवरात्र पर्व का पारण भी करेंगे।

16 अक्टूबर - पापांकुशा एकादशी

20 अक्टूबर - महर्षि बाल्मीकि जयंती, शरद  / आश्विन पूर्णिमा

24 अक्टूबर - करवा चौथ, संकष्टी चतुर्थी
वर्ष 2021 में 24 अक्टूबर की तिथि को करवा चौथ का पर्व पड़ने जा रहा है। करवा चौथ का पर्व सुहागन स्त्रियां अपने पति के दीर्घायु हेतु धारण करती हैं।

28 अक्टूबर - अहोई अष्टमी

नवंबर 2021

माह नवंबर के सभी पर्व, व्रत त्यौहार आदि-

1 नवंबर - रमा एकादशी

2 नवंबर - धनतेरस
इस वर्ष 2 नवंबर 2021 को धनतेरस का पर्व मनाया जायेगा। इस दिन जातक माँ लक्ष्मी के घर में आवागमन की तैयारी हेतु पूजा-पाठ आरंभ कर लेते हैं और इस दिन को जातक सोने, चांदी, धातु आदि के साथ-साथ बर्तनों के खरीदारी भी करते हैं।

4 नवंबर - दिवाली, नरक चतुर्दशी

वर्ष 2021 में 4 नवंबर 2021 की तिथि को दीपावली का पर्व मनाया जा रहा है। दीपावली के पर्व त्यौहार को पूरे वर्ष भर के महत्वपूर्ण व उल्लास भरे त्योहारों में से एक माना जाता है। दिवाली के दिन को लेकर ऐसी मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्री राम 14 वर्ष के वनवास से लौटकर अयोध्या नगरी पुनः वापस आए थे। इसके अतिरिक्त एक मान्यता के मुताबिक दीपावली के दिन घर में माता लक्ष्मी का आवागमन होता है। इस दिन को नरक चतुर्दशी के रूप में भी मनाया जाता है।

5 नवंबर - गोवर्धन पूजा
5 नवंबर की तिथि को गोवर्धन पूजा का त्योहार है। गोवर्धन पूजा के पर्व पर गाय का पूजन किया जाता है तथा गाय के दूध से बनी मिठाइयों को भगवान श्री कृष्ण को अर्पित कर प्रसाद में बांटा जाता है। गाय का विशेष श्रृंगार भी इस दिन किया जाता है।

6 नवंबर - भाई दूज
भाई-बहन के पर्व-त्योहारों में से एक महत्वपूर्ण त्यौहार भाई दूज का त्योहार माना जाता है। इस वर्ष भाई दूज का त्यौहार 6 नवंबर 2021 को पड़ने जा रहा है।

10 नवंबर - छठ पूजा
इस वर्ष छठ पूजा का पर्व 10 नवंबर 2021 को है। छठ पूजा का त्योहार यूपी, बिहार आदि जैसे राज्यों में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इसके पीछे जातकों की विशेष श्रद्धा भावना निहित होती है जिसमें भगवान सूर्य की पूजा आराधना एक देवी यानी छठी मैया के रूप में की जाती है।

14 नवंबर - देवउठनी एकादशी

19 नवंबर - कार्तिक पूर्णिमा

27 नवंबर - काल भैरव जयंती

30 नवंबर - उत्पन्ना एकादशी

दिसंबर 2021

आइए जानते हैं वर्ष के आखिरी माह दिसंबर 2021 में पड़ने वाले पर्व त्योहार के महत्व के संबंध में-

04 दिसंबर - मार्गशीर्ष अमावस्या, सूर्य ग्रहण
दिसंबर माह वर्ष का आखिरी माह में सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। इस माह के 4 दिसंबर की तिथि को मार्गशीर्ष अमावस्या है। इसे दिन सूर्य ग्रहण भी लगेगा। सूर्य ग्रहण का सभी जातकों के ऊपर गहरा प्रभाव परिलक्षित होता है।

8 दिसंबर - विवाह पंचमी

14 दिसंबर - मोक्षदा एकादशी

16 दिसंबर -  धनु संक्रांति
16 दिसंबर की तिथि को धनु संक्रांति है, अर्थात इस दिन सूर्य अपनी राशि परिवर्तित कर धनु राशि में प्रवेश करेंगे।

20 दिसंबर -  पौष आरंभ
20 दिसंबर से हिंदू पंचांग के मुताबिक पौष का आरंभ हो जाएगा।

30 दिसंबर - सफला एकादशी



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