रक्षाबंधन पर भाई की राशि अनुसार बांधें इन रंगों की राखियां, भरेंगी उनके जीवन में खुशियां

Lucky rakhi color for rakshabandhan according to your brother's zodiac sign

रक्षाबंधन का पावन त्यौहार प्रेम व खुशहाली का प्रतीक है। यह भाई बहनों के रिश्तों को नए तरीके से संजोने व सजाने के लिए हर वर्ष आता है। प्रत्येक वर्ष रक्षाबंधन का त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है।

इस वर्ष रक्षाबंधन की तिथि 3 अगस्त को पड़ रही है। 3 अगस्त को श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि है, इस कारण से सभी जातक यह पर्व 3 अगस्त को ही मनाएंगे। रक्षाबंधन का त्योहार रेशम की डोर को भाइयों की कलाइयों पर बंधने व बहना के प्यार का प्रतीक है। बहन अपने भाई की कलाई पर रेशम से बनी राखी बांधती है एवं आजीवन उसके सुखी-संपन्न व खुशहाल जीवन की कामना करती है। वहीं भाई अपनी बहन से उसकी सदैव रक्षा करने का वचन देता है, साथ ही आजीवन उसकी हर परेशानियों मदद करने का भरोसा देता है। इससे भाई-बहनों का रिश्ता हर वर्ष वचन को दुहराते हुए और भी अधिक मजबूत व गहरा हो जाता है।

भाई-बहन के स्नेह व प्रेम भरे त्यौहार रक्षाबंधन के संबंध में अनेकानेक प्रकार की कथाएं, मान्यताएं व धारणाएं प्रचलित है किंतु उन सभी का सार तत्व केवल एक ही है कि भाई-बहनों के रिश्तों में प्रेम व अनुराग आजीवन बना रहें। हर बहन यही चाहती है कि उसका भाई सदैव खुशहाल रहे। इसके लिए वह ईश्वर से निरंतर प्रार्थनाएं करती हैं और अपने भाई के लिए बेहतरीन से बेहतरीन जीवन व खुशियों की कामना करती है। वो भाई के माथे पर तिलक लगाते हुए ईश्वर से प्रार्थना करती है कि उसके भाई का सर सदैव गर्व से ऊंचा रहे और आरती उतारते वक्त यह कामना करती है कि दीपक की लौ के प्रकाश की भांति उसके भाई के यश-कीर्ति भी चहूँ और सदैव फैलते रहें।

इस रक्षाबंधन पर हम आपको आपके भाई के राशि के अनुरूप राखियों के रंग के चयन के संबंध में जानकारी देंगे जिससे कि आप अपने भाइयों के ग्रह गोचरों की स्थिति के अनुसार उसकी राशि के लिए उपयुक्त रंग की राखी लाकर उन्हें बांध दें ताकि उन्हें ज्योतिष की दृष्टि से भी आत्मिक प्रसन्नता की प्राप्ति हो।

तो फिर देर किस बात की है, आइए जानते हैं आपकी भाइयों की राशि के अनुरूप उपयुक्त रंगों की राखियों के संबंध में-

भाई की राशि अनुसार चुने राखियों के लिए ये रंग

मेष राशि

अगर आपके भाई मेष राशि के जातक हैं तो इसका यह अर्थ है कि उनकी राशि के स्वामी ग्रह मंगल है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल ग्रह के जातकों के लिए लाल रंग सर्वोत्तम माना जाता है। लाल रंग मंगल का ज्योतिषीय रंग माना जाता है। अतः आप अपनी भाई के कलाई पर लाल रंग की राखी ही बांधे। इससे उनके अंदर सदैव जोश, ऊर्जा व शक्ति बनी रहेगी।

वृषभ राशि

जिन जातकों के भाइयों की राशि वृषभ है, उन जातकों को अपने भाइयों के लिए नीले रंग की राखी को पसंद करना चाहिए। वृषभ राशि के जातकों का स्वामी ग्रह शुक्र होता है एवं शुक्र का मूल रंग नीला है। वृषभ राशि के जातकों के लिए नीले रंग की राखियां ही शुभकारी होती हैं। इससे आपके भाई के जीवन में बेहतरीन परिणाम परिलक्षित होगे।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातक को का स्वामी ग्रह बुध होता है। अगर आपके भाई मिथुन राशि के जातक हैं तो आप उनके लिए हरे रंग की राखी लें, चूँकि बुद्ध स्वामी ग्रह वाले जातकों के लिए हरे रंग की राखी शुभकारी होती हैं। हरे रंग की राखी को मिथुन राशि के जातकों द्वारा धारण करने से उनके जीवन में सदैव सुख-समृद्धि व दीर्घायु बरकरार रहता है।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों का स्वामी ग्रह चंद्रमा है। इसलिए ऐसे जातकों को सफेद, और अगर सफेद ना हो तो आप पीले रंग की राखी भी कर्क राशि के जातकों के लिए चुन सकते हैं। यदि आपके भाई कर्क राशि के जातक है तो आप उन्हें पीले व सफेद रंग की राखी ही बांधे। इससे उनके जीवन में भरपूर खुशहाली व आत्मिक शांति बरकरार रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों का स्वामी ग्रह सूर्य होता है। ऐसे जातकों को सूर्य के रंग अर्थात सूर्य के ज्योतिषीय रंग लाल अथवा पीले रंग की राखी लेनी चाहिए। अगर आपके भाई सिंह राशि के जातक हैं तो आप उन्हें पीले अथवा लाल रंग की राखी ही बांधे। इससे उनके जीवन में सब कुछ शुभ होता रहेगा।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के स्वामी ग्रह बुध है, अतः आपको अपनी बहन से हरे रंग की राखी बनवानी चाहिए। इससे आपके सभी ग्रह दोष दूर होंगे एवं आजीवन भाई-बहनों के मध्य प्रेम बना रहेगा क्योंकि हरा रंग बुध ग्रह के स्वामी जातकों के लिए अत्यंत ही शुभ प्रभावी होता है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों का स्वामी ग्रह शुक्र है। यदि आपके भाई तुला राशि के जातक हैं तो आप उनके लिए नीले अथवा सफेद रंग का राखी चुने। इससे आपके भाई के जीवन में सदैव सुख-समृद्धि व खुशहाली बनी रहेगी। शुक्र स्वामी ग्रह वाले जातकों के लिए नीला व सफेद रंग सामान्य रूप से भी फायदेमंद रहता है।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए सुनहरे पीले रंगों की राखी अथवा सामान्य पीले रंगों की राखी ही बनवानी चाहिए। चूँकि धनु राशि के जातकों का स्वामी ग्रह बृहस्पति होता है और बृहस्पति का ज्योतिषीय व मूल ग्रह रंग पीला व सुनहरा है। इसलिए ऐसे जातकों को अपनी कलाइयों पर पीले व सुनहरे रंग की ही राखी बंधवानी चाहिए। इससे आपके जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों का स्वामी ग्रह शनि है। शनि व शनि के प्रभावों को ज्योतिष शास्त्र में काफी महत्व दिया जाता है। शनि को विशेष तौर पर भगवान की उपाधि दी गई है एवं इन्हे न्याय का देवता कहकर संबोधित किया जाता है। अतः ऐसे जातकों को विशेष तौर पर अपने भाइयों के लिए नीले रंग की राखी ही लेनी चाहिए। वैसे तो शनि ग्रह के जातकों के लिए नीले के साथ- साथ काला रंग अत्यंत ही लाभकारी होता है, किंतु धर्म शास्त्रों में ऐसा माना जाता है कि किसी भी शुभ कार्य में काले रंग का प्रयोग वर्जित है। इस कारण आप नीले रंग की राखी का ही प्रयोग करें। इससे आपके भाई के ग्रहों की दशा-दिशा उचित बनी रहेगी।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों का भी स्वामी ग्रह शनि ही हैं। आपको भी अपने कुंभ राशि के भाई के लिए नीले रंग की राखी खरीदनी चाहिए। अगर आपको अधिक संशय हो तो आप ज्योतिषीय परामर्श भी ले सकते हैं। कुंभ राशि के जातकों द्वारा रक्षाबंधन के अवसर पर गहरे हरे रंग के रुद्राक्ष की माला का पहनना शुभकारी रहेगा।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों को सुनहरे रंग की राखी पहननी चाहिए। आपके लिए यह रंग अत्यंत ही शुभकारी हैं। इसके अतिरिक्त आप पीले रंग की राखी भी बांध सकते हैं। पीले रंग की राखियां भी मीन राशि के जातकों के ऊपर बढ़िया परिणाम दर्शाती है।

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