शनि जयंती एवं वट सावित्री व्रत में काले चने का महत्त्व

Shani Jayanti Vat Savitri Vrat Kaale Chane Ka Mahatva

क्या आपको अंदाजा भी है कि आपकी रसोई में मौजूद काला चना, जिसे हम ज्यादा महत्व भी नहीं देते हैं, वह आपके जीवन के सभी दोष एवं संकटों को हरने में मददगार सिद्ध हो सकता है। काले चने का केवल कुछ सही उपयोग करने से आपके भाग्य खुल सकते हैं। नहीं ना? तो चलिए आज हम आपको बताएंगे काले चने के कुछ ऐसे अद्भुत प्रयोग, जो आपके जीवन को सुख-शांति व समृद्धि से भर देगा। फिर देर किस बात की आइए जानते हैं कुछ ऐसे प्रयोग-

वट सावित्री व्रत और चना

वट सावित्री व्रत में काले चने का विशेष महत्व होता है। दरअसल जब यमराज सावित्री के पति यानी सत्यवान के प्राण को लेकर यमलोक की ओर प्रस्थान करते है, तो सावित्री उनके पीछे-पीछे चल पड़ती है।

चूँकि सावित्री एक तपस्वी और पतिव्रता स्त्री थी, इस कारण यमराज भी उनका सम्मान करते थे। उन्होंने सावित्री से कहा- देवी आप हमारे पीछे ना आए, आप अपने पति के प्राण के बदले हमसे एक वरदान मांग सकती हैं। तत्पश्चात सावित्री ने अपनी बुद्धि का प्रयोग करते हुए यमराज से एक वरदान में कई वस्तुएं मांग ली। उन्होंने यमराज से कहा कि हे यमराज मैं चाहती हूँ कि मेरे सास-ससुर अपने पोते को सोने की कटोरी में भोजन कराएं।

चूँकि यमदूत ने सावित्री को अपने वरदान की पूर्ति का वचन दिया था, इस कारण यमदूत ने सावित्री को ना सिर्फ उनके पति के प्राण बल्कि उसके सास-ससुर की आंखें एवं धनसंपदा के साथ पुत्र से भी उसे परिपूर्ण किया। किंतु कहा जाता है कि विधि के विधान को टाला नहीं जा सकता।

चूँकि सत्यवान की मृत्यु की अवधि तय थी, इस कारण यमदूत ने सत्यवान के प्राण हर लिए तत्पश्चात सावित्री को विशेष मंत्र सिद्धि आदि के पश्चात काले चने प्रदान किए जिसके द्वारा सत्यवान के प्राण बचाये जा सके। अतः उस विशिष्ट काले चने की मदद से ही सत्यवान के प्राण बच पाए थे। इस कारण वट सावित्री व्रत की पूजन में आप काला चना अवश्य ही रखें। इससे आपके पति की उम्र लंबी होती है। पूजन के पश्चात अपने पति को अपने हाथों से कला चना, प्रसाद के साथ अवश्य ही खिलाएं।

शनि जयंती पर काले चने का प्रयोग

भगवान शनि के जन्मोत्सव को शनि जयंती के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शनि की पसंदीदा वस्तुओं का प्रयोग करने से शनिदेव जल्दी प्रसन्न होते हैं। चूँकि शनिदेव का रंग श्याम वर्ण का है, अतः उन्हें श्याम वर्ण यानी गहरे रंग की चीजें अधिक प्रिय है।

शनि जयंती के दिन काले चने का प्रयोग अवश्य ही करना चाहिए। इस दिन काले चने का सेवन करें, साथ ही शनि मंदिर के बाहर गरीबों में काले चने बांटे। इससे आपके ऊपर के शनि के दुष्प्रभाव समाप्त होंगे। जिन जातकों की पर शनि की साढ़ेसाती या फिर ढैय्या चलती है, उनके लिए यह उपाय कारगर सिद्ध होता है। शनि के दुष्प्रभाव से पीड़ित जातकों को प्रत्येक शनिवार के दिन काले चने का दान करना चाहिए, साथ ही अपने घर में भोज्य पदार्थों में काले चने का अवश्य ही प्रयोग करना चाहिए।

गुरुवार को काले चने का प्रयोग

ज्योतिष शास्त्रों में काले चने की कुछ ऐसे प्रयोग हैं जिसका गुरुवार को उपयोग करने से आपके जीवन की बड़ी-बड़ी समस्याएं सरल तरीके से छोटे-मोटे उपायों से समाप्त हो जाती हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे तरीके जो आपकी निजी जीवन की समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।

वैवाहिक जीवन - पति के प्रेम हेतु

यदि आपके वैवाहिक जीवन में कलह क्लेश बना रहता है, आपके पति किसी अन्य स्त्री के साथ अपना संबंध रखते हो तो ऐसी परिस्थिति में अपने पति को सही रास्ते पर लाने हेतु आप गुरुवार के दिन बेसन के तीन लड्डू, 300 ग्राम, गेहूं के आटे से बना पेड़ा और सवा किलो काला चना किसी ऐसी गाय को अपने हाथों से खिलाए जो अपने बछड़े को तत्काल में दूध पिलाती हो। ऐसे गाय के समीप जाकर उन्हें इन भोज्य पदार्थों को खिला कर उनके समक्ष हाथ जोड़कर प्रार्थना करें कि जैसे वे अपने बछड़े को अपना ममत्व प्रदान करती है, उसी प्रकार वे आपको अपनी संतान मानकर आपके जीवन की खुशहाली प्रदान करें।

विवाह में आ रही अड़चने

यदि बार-बार आपके विवाह हेतु रिश्ते बनते-बनते बिगड़ जाते हैं अथवा किसी ना किसी कारणवश आपके विवाह के योग नहीं बन पा रहे हों तो इस बृहस्पति के सरल उपाय को लगातार ग्यारह गुरुवार लगातार अपनाएं। इसमें आप 11 गुरुवार को काले चने की सवा किलो, पीली दाल और गुड़ गौ माता को स्वयं के भोजन करने के पूर्व अपने हाथों से खिलाये। इससे विवाह में आ रही अड़चनें दूर होंगी

धन लाभ हेतु

घर में आर्थिक समृद्धि हेतु हर गुरुवार को पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं, साथ ही पीले रंग की मिठाई के साथ काले चने से बनाई गई पीली दाल को भी चढ़ाएं। इससे घर परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतरीन रहती हैं एवं आपके आर्थिक लाभ होते रहते है।

नवग्रह शांति में चने का उपयोग

यदि आपके नवग्रह अशांत है एवं इसकी वजह से आपके जीवन में अनेकानेक समस्या आए दिन उत्पन्न होती रहती हैं, तो इसके निदान हेतु हर मंगलवार और शनिवार को हनुमान मंदिर में भुने हुए काले चने को गुड़ के साथ मिलाकर प्रसाद के रूप में लोगों में बांटे। साथ ही हनुमान मंदिर में बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। यह नवग्रह के दोष दूर करने के उपाय में से एक कारगर उपाय है जिससे आपके जीवन में सुख शांति बनी रहेगी।

घर पर हो रहे जादू टोटके से निदान हेतु उपाय

यदि आपके घर परिवार पर किसी का प्रेत आत्मा का साया हो, अथवा आए दिन किसी न किसी तरह के जादू टोटके होते रहे आ रहे हों तो आप इससे छुटकारा पाने हेतु हर शुक्रवार को भूरे घोड़े को पेट भर काला चना खिलाएं। इससे आपके जीवन में शांति आएगी एवं घर परिवार में सकारात्मकता बनी रहेगी।

घर की सुख समृद्धि हेतु

घर में सुख एवं समृद्धि बरकरार रखने हेतु अपने घर में प्रयोग में आने वाले आटे को पिसवाते समय उसमें 100 ग्राम भुने हुए काले चने को मिला दें एवं इस आटे का नियमित प्रयोग करें। इसके अतिरिक्त आप हर शनिवार को किसी न किसी रूप में भूरे चने का अवश्य ही प्रयोग करें। इससे घर में सुख एवं समृद्धि का वातावरण बना रहता है।



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