आज का पंचांग 24 मई 2020

Aaj Ka Panchang 24 May 2020

आज दिनांक 24 मई 2020 ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि और दिन रविवार है। विक्रम संवत् 2077 है। सूर्य उत्तरायण की स्थिति में उत्तर गोलार्द्ध में मौजूद है । ग्रीष्म ऋतु है।

आज द्वितीया तिथि मध्य रात्रि 01 बजकर 01 मिनट तक बनी रहेगी जिसके पश्चात तृतीया तिथि शुरू होगी। साथ ही मृगशिरा नक्षत्र पूरी रात भर बना हुआ रहेगा। आज सुकर्मा योग प्रातः 06 बजकर 27 मिनट तक बना रहेगा, फिर धृति योग का आरंभ होगा। इसके अलावा आज बालव करण  दोपहर 12 बजकर 43 मिनट तक ही है, जबकि कौलव करण अर्धरात्रि 01बजकर 02मिनट तक बना रहेगा। फिर तैतिल करण आरम्भ होगा। आज चंद्रमा शाम 05 बजकर 35 मिनट तक वृषभ राशि और फिर इसके बाद मिथुन राशि पर संचार करेगा। कृतिका नक्षत्र 25 मई को रात्रि 2 बजकर 50 मिनट तक बना रहेगा।

सूर्योदय:  सुबह 05 बजकर 27 मिनट पर।
सूर्यास्त: शाम 07 बजकर 09 मिनट पर।

चंद्रोदय: प्रातः 06 बजकर 33 मिनट पर।
चन्द्रास्त: संध्या 08 बजकर 45 मिनट पर।

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शुभ मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त प्रातः 11 बजकर 52 मिनट से रात्रि 12 बजकर 45 मिनट तक है। इस काल मे आरम्भ किया गया कार्य फलदायी होता है।
  • विजय मुहूर्त अपराह्न 02 बजकर 37 मिनट से 03 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त में आरंभ किया गया कार्य अवश्य ही सफलता प्रदान करेगा।
  • गोधूलि मुहूर्त सांय 06 बजकर 58 मिनट से 07 बजकर 19 मिनट तक है।
  • विशेष शुभ मुहूर्त मे अमृत काल रात्रि 08 बजकर 56 मिनट से 10 बजकर 34 मिनट तक रहेगा।
  • निशिता मुहूर्त मध्य रात्रि 11 बजकर 57 मिनट से लेकर अर्धरात्रोत्तर 12 बजकर 37 मिनट तक है। 

अशुभ मुहूर्त

  • राहुकाल संध्या 04 बजकर 29 मिनट से 06 बजकर 01 मिनट तक बना रहेगा। राहुकाल को सबसे अशुभ एवं संकट का काल माना जाता है। कहा जाता है इस दौरान आरम्भ किये गए कार्यों में अवश्य ही व्यवधान उत्पन्न होता है।
  • यमगंड दोपहर 12 बजकर 17 मिनट से 02 बजकर 01 मिनट तक रहेगा।
  • गुलिक काल दोपहर 03 बजकर 43 मिनट से शाम 05 बजकर 28 मिनट तक रहेगा।
  • दुर्मुहूर्त काल का योग आज केवल एक बार प्रभावी होगा। यह आज संध्या 05 बजकर 19 मिनट से 06 बजकर 16 मिनट तक रहेगा।
  • वर्ज्य काल प्रातः 10 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक है।

आज के मंत्र

  • अगर आप शारीरिक कष्ट, ह्रदय रोग आदि से पीड़ित है तो आज के दिन भगवान सूर्य के  इस मंत्र का जप करना आपके लिए स्वास्थ्यवर्धक रहेगा।

ऊँ हृां हृीं सः सूर्याय नमः।

  • अपने शत्रुओं के विनाश एवं स्वयं की उन्नति हेतु आज से इस मंत्र के जप को अपने जीवन में धारण करें।

शत्रु नाशाय ऊँ हृीं हृीं सूर्याय नमः।

  • भगवान सूर्य को सूर्य अर्घ्य मंत्र से जल का अर्घ्य प्रदान करें।

ऊँ ऐही सूर्यदेव सहस्त्रांशो तेजो राशि जगत्पते।
अनुकम्पय मां भक्त्या गृहणार्ध्य दिवाकर:।।

ऊँ सूर्याय नम:, ऊँ आदित्याय नम:, ऊँ नमो भास्कराय नम:।
अर्घ्य समर्पयामि।।

  • रविवार के दिन भगवान सूर्य का ध्यान करते हुए व्रत करें एवं इस मंत्र का जप करें।

"ॐ ह्रां ह्रीं ह्रों सूर्याय नम:"।

आज के उपाय

निम्नलिखित सूर्य ग्रह शांति के उपाय अपनाकर आप अपने दिन को सफल बना सकते हैं:

  • प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर भगवान सूर्य को अर्घ्य प्रदान करें।
  • गाय एवं कुत्तों को रोटी खिलाएं।
  • मंदिर के पुजारी एवं अन्य गरीब एवं भूखे व्यक्तियों को भोजन कराएं।


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